प्यार कैसे होता है जो की निगाहों से शुरु होकर दिल तक पहुंचता है-pyar kaise hota hai

प्यार कैसे होता है जो की निगाहों से शुरु होकर दिल तक पहुंचता है-pyar kaise hota hai,  प्यार में कोई स्वार्थ नहीं होता प्यार में चेहरे मायने नहीं रखते हैं प्यार में आपकी खूबसूरती मायने नहीं रखती है अगर प्यार में कुछ मायने रखता है तो वह है आपका दिल यानी प्रेमी और प्रेमिका को दिल से लगाव हो जाए तो वह एक दूसरे के लिए पूरी दुनिया को छोड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं 

ऐसे एग्जांपल आप अपने लाइफ में कई देखे होंगे जिसमें प्रेमी प्रेमिका  घर के against हो कर शादी कर लेते हैं और एक साथ सारी जिंदगी बिता देते हैं जबकि उन्हें पता होता है उनकी फैमिली उनके खिलाफ रहेगी समाज उनके खिलाफ है 


इसके बावजूद वह एक दूसरे के हो जाते हैं ऐसा क्यों होता है क्या आपने कभी सोचा है ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों एक दूसरे से ट्रू लव करते हैं यानी सच्चा प्यार करते हैं 

pyar kaise hota hai answer-

प्यार इस दुनिया की सबसे हसीन अनुभव है जिसे अनुभव प्राप्त हो जाता है वह सबसे पावरफुल हो जाता है यानी मेरे कहने का मतलब है और अपने प्यार को पाने के लिए प्रेमिका और प्रेमी इस संसार के सारे बंधनों को तोड़ देते हैं किसी कवि ने कहा है प्यार में जो ताकत है वह इस दुनिया में किसी भी रिश्ते में नहीं है 

आपको यह सुनने में अजीब लग रहा होगा लेकिन यही सत्य है आपको बताते चलें कि प्यार करने वाले हमेशा एक दूसरे के प्रति ईमानदार होते हैं एक दूसरे के सुख दुख में खड़े रहते हैं कितनी भी मुसीबत आ जाए लेकिन अपने प्यार को कम नहीं होने देते हैं 

pyar kya hota hai samjhaye koi-


प्यार में भगवान बसते हैं यदि आपने सच्चा प्यार किया है गॉड भी आपकी मदद करते हैं आपको सारी कठिनाइयों से लड़ने के लिए ताकत देते हैं जिससे सारी दुनिया प्यार के आगे झुक जाती है


लव इज गॉड गॉड इज लव इज पॉसिबल प्यार में भगवान बसते हैं और भगवान में प्यार बसता है यह संभव है यदि आप किसी से सच्चा प्यार करते हैं तो मेरे द्वारा बताई गई सभी बातों को जरूर अनुभव करेंगे और अपने प्यार को मिठास से भर देंगे 


प्यार कई टाइप के होते हैं मेरे कहने का मतलब यह है कि प्यार कई प्रकार के होते हैं इसमें एक प्यार एक तरफा होता है जिसमें एक व्यक्ति की तरफ से लगाव होता है दूसरी तरफ से बिल्कुल भी नहीं होता है 

pyar kya hai definition-

दूसरा प्यार क्या होता है जिसमें लोग सिर्फ संबंध बनाने के लिए भी प्यार करते हैं क्योंकि बिल्कुल गलत है तीसरा जिसमें प्रेमी और प्रेमिका एक दूसरे को धन दौलत के नजरिए से देखते हैं और फिर उसी को देखते हुए एक दूसरे से प्यार करते हैं ऐसा प्यार ज्यादा दिनों तक नहीं चलता है जल्द ही समाप्त हो जाता है 

प्यार कैसे होता है! जो की निगाहों से शुरु होकर दिल तक पहुंचता है! निगाहों ने छेड़ा है! दिल का फसाना सुनकर कहीं ना तुम बुरा मान जाना मैंने किया है! प्यार पहली बार दोस्तों ऐसी ही शुरुआत होती है!

pyar hone ke baad kya hota hai-

 प्यार की जो कि हम समझ जाते हैं! कि आई मीन लव कि मुझे प्यार हो गया है! जो कि हम इग्नोर नहीं कर पाते हैं! हम बस उसी खयालों में खो जाते हैं! तब हमें कुछ भी अच्छा नहीं लगता है! सिवाय उसके हमें लगता है! कि मैंने सारी जिंदगी उसी के नाम लिख दी है!


और एक दूसरे को ठोकर लग जाती है यानी एक दूसरे का दिल टूट जाता है हमें उम्मीद है आपको प्यार का मतलब समझ में आ गया होगा अगर आपके मन में कोई डाउट है तो कमेंट जरुर करें
प्यार कैसे होता है जो की निगाहों से शुरु होकर दिल तक पहुंचता है-pyar kaise hota hai  प्यार कैसे होता है जो की निगाहों से शुरु होकर दिल तक पहुंचता है-pyar kaise hota hai Reviewed by Electric, technical on 1/02/2018 Rating: 5

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